ON THE DOT
Wednesday, June 17, 2026
  • Headlines
  • Articles
  • Lifestyles
  • Stories
  • ON THE DOT TO
  • Hindi
  • About us
  • Contact
SUBSCRIBE
No Result
View All Result
  • Headlines
  • Articles
  • Lifestyles
  • Stories
  • ON THE DOT TO
  • Hindi
  • About us
  • Contact
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home Articles

मास्टरस्पाई आरएन काव

by On The Dot
May 11, 2021
Reading Time: 1 min read
0 0
0
मास्टरस्पाई आरएन काव

File Photo

भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी रॉ के पहले प्रमुख और भारत के मास्टरस्पाई के नाम से मशहूर आरएन काव या रामेश्वर नाथ काव का आज जन्मदिन है। 10 मई 1918 को जन्मे रामेश्वर नाथ काव की समझ और बेहतरीन रणनीति की वजह से ही भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ को पूरी दुनिया में एक अलग पहचान और कामयाबी मिली।

दरअसल, काव ही वे पहले व्यक्ति रहे, जिन्होंने रॉ को एक प्रोफेशनल खुफिया एजेंसी में तब्दील किया। उन्होंने न सिर्फ भारत के राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान दिया, बल्कि भारत की इस एजेंसी को भविष्य के लिए एक सुरक्षित दिशा और दशा भी प्रदान की।

काव का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में हुआ था। उन्होंने इंग्लिश लिट्रेचर में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। 1939 में भारतीय पुलिस सेवा की परीक्षा पास करके इसमें शामिल हो गए। सर्विस ज्वॉइन करने के 8 साल बाद सन 1947 में जब देश में इंटेलिजेंस ब्यूरो की स्थापना हुई, तब काव को वहां भेजा गया। काव ने आईबी में बतौर सहायक निदेशक ज्वॉइन किया था। उस दौरान, काव को देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बाद 1968 में भारत में भी देश के बाहर के खुफिया मामलों के लिए एक एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) बनाने का फैसला लिया गया। काव को इसका पहला चीफ बनाया गया।

RELATED STORIES

Over 1,000 Civilians Killed in Sudan Drone Strikes in First Five Months of 2026

Sudan’s Silent Slaughter: A War the World Cannot Ignore

June 16, 2026
When Hospitality Became Poetry: Slovakia’s Timeless Welcome to PM Modi

When Hospitality Became Poetry: Slovakia’s Timeless Welcome to PM Modi

June 15, 2026

1950 में ब्रिटिश महारानी के भारत में पहले दौरे के दौरान काव को उनकी सिक्योरिटी का इंचार्ज बनाया गया। इस दौरान एक कार्यक्रम में काव ने अपनी काबिलियत का परिचय देते हुए महारानी की ओर फेंके गए एक बुके यानी को पकड़ लिया था। जिसके बाद महारानी ने उनकी काबिलियत की तारीफ करते हुए “गुड क्रिकेट” बोला था।

काव ने रॉ के निदेशक के रूप में करीब दस वर्ष (1968 से 1977) तक अपनी सेवाएं दीं। साल 1976 में इंदिरा गांधी ने उनका टेन्योर बढ़ाने का फैसला किया। उसके बाद काव को केंद्रीय कैबिनेट के सुरक्षा सलाहकार (असल में, पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) नियुक्त किया गया। इसके बाद वे तत्कालीन प्रधानमंत्री (राजीव गांधी) को सुरक्षा के मामलों और विश्व के खुफिया विभाग के अध्यक्षों से संबंध स्थापित करने में विशेष सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएं देते रहे।

काव के जीवन और उनकी कार्यशैली पर कई पुस्तकें भी लिखी गई हैं। इनमें आरएन काव-जेंटलमैन स्पाईमास्टर, काउबॉयस ऑफ R&AW, रॉ-भारतीय गुप्तचरसंस्थेची गूढ़गाथा, ए लाइफ इन सीक्रेट, एस्केप टू नो व्हेयर और टीम ऑफ काउबॉयज शामिल हैं।

आरएन काव से जुड़ी अहम बातें

  1. काव ने भविष्य की सुरक्षा चिंताओं से निबटने के लिए पॉलिसी एंड रिसर्च स्टाफ की नींव रखी थी।
  2. काव ने तब के बांग्लादेशी राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान को अलर्ट किया था कि बांग्लादेश के कुछ सैन्य अधिकारी उनके खिलाफ तख्तापलट की साजिश रच रहे थे।
  3. 2017 में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अपने सम्बोधन में काव को देश के महान आईपीएस अधिकारियों में से एक बताया था।
  4. काव के जीवन पर एक फिल्म बनाने की भी घोषणा की जा चुकी है। 2020 में धर्मा प्रोडक्शन और स्टिल एंड स्टिल मीडिया समूह ने इस सम्बन्ध में जानकारी दी थी।
  5. 1950 के दशक के मध्य में काव ‘कश्मीर प्रिंसेस’ की जांच और 1971 में बांग्लादेश की मुक्ति में योगदान जैसे मामलों से जुड़े थे।
  6. काव ने रॉ की दो पीढ़ियों को जासूसी के गुण सिखाए, उनकी टीम को काव ब्वॉयज कहा जाता था।
  7. काव भारत के तीन प्रधानमंत्रियों के करीबी सलाहकार और सुरक्षा प्रमुख थे।
  8. वे 1962 में चीन के साथ भारत के संघर्ष के बाद स्थापित हुए सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएस) के संस्थापकों में से एक थे।
  9. 1950 के दशक में उन्होंने पंडित नेहरू के अनुरोध पर घाना की खुफिया एजेंसी (विदेशी सेवा अनुसंधान ब्यूरो) के गठन में मदद की थी।
  10. काव के कुशल नेतृत्व और उनकी टीम की कुशल रणनीति की वजह से 3000 स्क्वेयर किलोमीटर के क्षेत्र का भारत में विलय कराया गया। सिक्किम भारत का 22वां राज्य बना।

ज्वॉइंट इंटेलिजेंस कमिटी के चेयरमैन केएन दारुवाला द्वारा लिखा गया ये नोट आरएन काव की काबिलियत बताता है। उन्होंने लिखा था- दुनियाभर में उनके संपर्क कुछ अलग ही थे। खासकर एशिया, अफगानिस्तान, चीन और ईरान में। वे सिर्फ एक फोन लगाकर काम करवा सकते थे। वे ऐसे टीम लीडर थे जिन्होंने इंटर डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिशन, जो कि भारत में आम बात है, को खत्म कर दिया। 20 जनवरी 2002 को इनका निधन हो गया। इस दौरान काव ने भारत में मॉडर्न इंटेलिजेंस सर्विस की नींव रखी जो आज एक महल बनकर हमारे देश की सुरक्षा कर रही है।

-संकलन – स्मृति तिक्कू

Tags: IndiaRAWRN_KavaSmriti_Tikkuआरएन_काव

2

  • Headlines
  • Articles
  • Lifestyles
  • Stories
  • ON THE DOT TO
  • Hindi
  • About us
  • Contact

© 2020 ON THE DOT

No Result
View All Result
  • Headlines
  • Articles
  • Lifestyles
  • Stories
  • ON THE DOT TO
  • Hindi
  • About us
  • Contact

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In